Monday, 19 December 2016

संसार में दो प्रकार के पेड़ पौधे हैं।
प्रथम:-अपना फल अपने आप दे देते हैं-.. आम, अमरुद, केला
इत्यादि....
द्वितीय:-अपना फल छिपाकर रखते हैं-...आलू, अदरक, प्याज इत्यादि....
जो अपना फल अपने आप दे देते हैं,उन वृक्षों को सभी खाद-पानी देकर सुरक्षित रखते हैं
किन्तु जो अपना फल छिपाकर रखते है, वे जड़ सहित खोद लिए जाते हैं
ठीक इसी प्रकार जो अपनी विद्या, धन, शक्ति स्वयं ही समाज सेवा में समाज के उत्थान में लगा देते हैं,
उनका सभी ध्यान रखते हैं अर्थात् मान-सम्मान देते है,
वही दूसरी ओर जो अपनी विद्या, धन, शक्ति स्वार्थवश छिपाकर रखते हैं,
किसी की सहायता से मुख मोड़े रखते है,वे जड़ सहित खोद लिए जाते है
अर्थात् समय रहते ही भुला दिये जाते है..

Monday, 5 December 2016



                  *अनुमान*
           गलत हो सकता है पर
                  *अनुभव*
           कभी गलत नहीं होता
                   क्योंकि....
                  *अनुमान*
         हमारे मन की कल्पना है
               *और अनुभव*
         हमारे जीवन की सीख है
           जिसे हर पल हर दम
                 *हम जीते है*!!

                


_"रब" ने. नवाजा हमें. जिंदगी. देकर;_
_और. हम. "शौहरत" मांगते रह गये;_

_जिंदगी गुजार दी शौहरत. के पीछे;_
_फिर जीने की "मौहलत" मांगते रह गये।_

_ये कफन , ये. जनाज़े, ये "कब्र" सिर्फ. बातें हैं. मेरे दोस्त,,,_
_वरना मर तो इंसान तभी जाता है जब याद करने वाला कोई ना. हो...!!_

_ये समंदर भी. तेरी तरह. खुदगर्ज़ निकला,_
_ज़िंदा. थे. तो. तैरने. न. दिया. और मर. गए तो डूबने. न. दिया . ._

_क्या. बात करे इस दुनिया. की_
_"हर. शख्स. के अपने. अफसाने. हे"_

_जो सामने. हे. उसे लोग. बुरा कहते. हे,_
_जिसको. देखा. नहीं उसे सब "खुदा". कहते. है.👏.🙏

Sunday, 4 December 2016

*अगर कुछ बनना है तो आप पानी के जैसे बनिए ,*
*जो खुद का रास्ता किसी भी तरह बनाकर आगे निकल जाता है*
 *कभी भी पत्थर की तरह मत बनिए , जो ना तो खुद आगे जा सकता है और दूसरों को आगे जाने से भी रोकता है*
   
*"विचार"* जल की तरह होता है...

आप उसमें *गंदगी* मिला दो तो
वह *"गंदा जल"* बन जाएगा...!!
और
अगर उसमें *सुगंध* मिला दो तो
*"भाग्य  बारिश का पानी है*
                      *और..*
          *परिश्रम कुंए का जल*....

    *बारिश में नहाना आसान तो है*,
                    *लेकिन....*
    *रोज नहाने के लिए हम बारिश*
         *के सहारे नहीं रह सकते...!!*

     *इसी प्रकार भाग्य से कभी-कभी*
      *चीजे आसानी से मिल जाती है,*
   *किन्तु हमेशा भाग्य के भरोसे नहीं जी  सकते...!!*
•●‼                                                            

Saturday, 3 December 2016

♻♻ 🌹 🌹 🌹 🌹 ♻♻
     यदि सफलता एक सुन्दर पुष्प है तो विनम्रता उसकी सुगन्ध।
     जिंदगी में जो चाहो हासिल कर लो, बस इतना ख्याल रखना कि, आपकी मंजिल का रास्ता, लोगो के दिलों को तोड़ता हुआ न गुजरे
        "अच्छी सोच"
          "अच्छा विचार"
              "अच्छी भावना"
      मन को हल्का करता है!