Monday, 19 December 2016

संसार में दो प्रकार के पेड़ पौधे हैं।
प्रथम:-अपना फल अपने आप दे देते हैं-.. आम, अमरुद, केला
इत्यादि....
द्वितीय:-अपना फल छिपाकर रखते हैं-...आलू, अदरक, प्याज इत्यादि....
जो अपना फल अपने आप दे देते हैं,उन वृक्षों को सभी खाद-पानी देकर सुरक्षित रखते हैं
किन्तु जो अपना फल छिपाकर रखते है, वे जड़ सहित खोद लिए जाते हैं
ठीक इसी प्रकार जो अपनी विद्या, धन, शक्ति स्वयं ही समाज सेवा में समाज के उत्थान में लगा देते हैं,
उनका सभी ध्यान रखते हैं अर्थात् मान-सम्मान देते है,
वही दूसरी ओर जो अपनी विद्या, धन, शक्ति स्वार्थवश छिपाकर रखते हैं,
किसी की सहायता से मुख मोड़े रखते है,वे जड़ सहित खोद लिए जाते है
अर्थात् समय रहते ही भुला दिये जाते है..

Monday, 5 December 2016



                  *अनुमान*
           गलत हो सकता है पर
                  *अनुभव*
           कभी गलत नहीं होता
                   क्योंकि....
                  *अनुमान*
         हमारे मन की कल्पना है
               *और अनुभव*
         हमारे जीवन की सीख है
           जिसे हर पल हर दम
                 *हम जीते है*!!

                


_"रब" ने. नवाजा हमें. जिंदगी. देकर;_
_और. हम. "शौहरत" मांगते रह गये;_

_जिंदगी गुजार दी शौहरत. के पीछे;_
_फिर जीने की "मौहलत" मांगते रह गये।_

_ये कफन , ये. जनाज़े, ये "कब्र" सिर्फ. बातें हैं. मेरे दोस्त,,,_
_वरना मर तो इंसान तभी जाता है जब याद करने वाला कोई ना. हो...!!_

_ये समंदर भी. तेरी तरह. खुदगर्ज़ निकला,_
_ज़िंदा. थे. तो. तैरने. न. दिया. और मर. गए तो डूबने. न. दिया . ._

_क्या. बात करे इस दुनिया. की_
_"हर. शख्स. के अपने. अफसाने. हे"_

_जो सामने. हे. उसे लोग. बुरा कहते. हे,_
_जिसको. देखा. नहीं उसे सब "खुदा". कहते. है.👏.🙏

Sunday, 4 December 2016

*अगर कुछ बनना है तो आप पानी के जैसे बनिए ,*
*जो खुद का रास्ता किसी भी तरह बनाकर आगे निकल जाता है*
 *कभी भी पत्थर की तरह मत बनिए , जो ना तो खुद आगे जा सकता है और दूसरों को आगे जाने से भी रोकता है*
   
*"विचार"* जल की तरह होता है...

आप उसमें *गंदगी* मिला दो तो
वह *"गंदा जल"* बन जाएगा...!!
और
अगर उसमें *सुगंध* मिला दो तो
*"भाग्य  बारिश का पानी है*
                      *और..*
          *परिश्रम कुंए का जल*....

    *बारिश में नहाना आसान तो है*,
                    *लेकिन....*
    *रोज नहाने के लिए हम बारिश*
         *के सहारे नहीं रह सकते...!!*

     *इसी प्रकार भाग्य से कभी-कभी*
      *चीजे आसानी से मिल जाती है,*
   *किन्तु हमेशा भाग्य के भरोसे नहीं जी  सकते...!!*
•●‼                                                            

Saturday, 3 December 2016

♻♻ 🌹 🌹 🌹 🌹 ♻♻
     यदि सफलता एक सुन्दर पुष्प है तो विनम्रता उसकी सुगन्ध।
     जिंदगी में जो चाहो हासिल कर लो, बस इतना ख्याल रखना कि, आपकी मंजिल का रास्ता, लोगो के दिलों को तोड़ता हुआ न गुजरे
        "अच्छी सोच"
          "अच्छा विचार"
              "अच्छी भावना"
      मन को हल्का करता है!


〽🎋 *जिनके पास अपने "परिवार" के लियें* *समय होता हैं,* *वो ज़िंदगी में हारी हुई* *बाजी भी "जीत" जाता हैं,,*..〽🎋

                                 
 
                                         

💞 *कोई कहता है कि चाँद से प्यारे है आप ,*
*कोई कहता है कि सभी के दुलारे है आप,*
*पर दुनिया वाले क्या जाने ,*
*मेरे परिवार की तो शान है आप ..*...💞


Thursday, 1 December 2016

🍁🌾🌹

*इस संसार में....*

    *सबसे बढ़िया दवा "हँसी"*
    *सबसे बड़ी सम्पत्ति "बुद्धि "*
    *सबसे अच्छा हथियार "धेर्य"*
    *सबसे अच्छी सुरक्षा "विश्वास"*
   
     और आनंद की बात यह है कि
     *"ये सब निशुल्क हैं "*

      

          *✍वक्त से लड़कर*
            *जो नसीब बदल दे !!*
            *इन्सान वही जो*
      *अपनी तक़दीर बदल दे !!*

            *कल क्या होगा*
            *कभी मत सोचो !!*
        *क्या पता कल वक्त खुद*
       *अपनी तस्वीर बदल दे 
 दिन में एक बार
अपने आप से
बात जरूर करें ............
वरना आप दुनियॉ के
" बेहतरीन " व्यक्ति
से मिलना * मिस *
कर देंगे ! ............
⌨⌨⌨⌨⌨⌨⌨

Wednesday, 30 November 2016

🌹🌹🌹🌹🌹🌹

  *"आशाएं ऐसी हो जो-*
              *मंज़िल तक ले जाएँ,*
  *"मंज़िल ऐसी हो जो-*
           *जीवन जीना सीखा दे..!*
 *जीवन ऐसा हो जो-*
               *संबंधों की कदर करे,*
*"और संबंध ऐसे हो जो-*
       *याद करने को मजबूर कर दे"*
*"दुनियां के रैन बसेरे में..*
   *पता नही कितने दिन रहना है,*
       *"जीत लो सबके दिलों को..*
  *बस यही जीवन का गहना .हे*
     

*हर चीज वही मिल जाती है,*
*जहाँ  वो खोयी हो,*
             *लेकिन,*
*विश्वास वहाँ  कभी नही मिलता,*
*जहाँ  एक बार खो जाता है....*

*""..जो कल था उसे भूलकर तो देखों..""*
*""...जो आज है उसे जीकर तो देखों..""*
*""आने वाला पल खुद "संवर" जायेगा""*

Monday, 28 November 2016



छोटा सा जीवन है, लगभग 80 वर्ष।
उसमें से आधा =40 वर्ष तो रात को
बीत जाता है। उसका आधा=20 वर्ष
बचपन और बुढ़ापे मे बीत जाता है।
बचा 20 वर्ष। उसमें भी कभी योग,
कभी वियोग, कभी पढ़ाई,कभी परीक्षा,
नौकरी, व्यापार और अनेक चिन्ताएँ
व्यक्ति को घेरे रखती हैँ।अब बचा ही
कितना ? 8/10 वर्ष। उसमें भी हम
शान्ति से नहीं जी सकते ? यदि हम
थोड़ी सी सम्पत्ति के लिए झगड़ा करें,
और फिर भी सारी सम्पत्ति यहीं छोड़ जाएँ,
तो इतना मूल्यवान मनुष्य जीवन
प्राप्त करने का क्या लाभ हुआ?
स्वयं विचार कीजिये :- इतना कुछ होते हुए भी,
1- शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी...
👍मौन होना सब से बेहतर है।

2- दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी...
👍सफेद रंग सब से बेहतर है।

3- खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी...
👍उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है।

4- देखने के लिए इतना कुछ होते हुए भी...
👍बंद आँखों से भीतर देखना सबसे बेहतर है।

5- सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी...
👍अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर है।

6- जीवन में हजारों प्रलोभन होते हुए भी...
👍सिद्धांतों पर जीना सबसे बेहतर है।

इंसान के अंदर जो समा जायें वो
             " स्वाभिमान "
                    और
जो इंसान के बाहर छलक जायें वो
             " अभिमान "
ये मैसेज पूरा पढ़े, और
   अच्छा लगे तो सबको भेजें 🙏

🔹जब भी बड़ो के साथ बैठो तो  
      परमेश्वर का धन्यवाद करो ,
     क्योंकि कुछ लोग
      इन लम्हों को तरसते हैं ।

🔹जब भी अपने काम पर जाओ
      तो परमेश्वर का धन्यवाद करो
     क्योंकि
     बहुत से लोग बेरोजगार हैं ।

🔹 परमेश्वर का धन्यवाद कहो
     जब तुम तन्दुरुस्त हो ,
     क्योंकि बीमार किसी भी कीमत पर सेहत खरीदने की ख्वाहिश रखते हैं ।

🔹 परमेश्वर का धन्यवाद कहो
      की तुम जिन्दा हो ,
      क्योंकि मरते हुए लोगों से पूछो
      जिंदगी की कीमत क्याहैं


छोटा सा जीवन है, लगभग 80 वर्ष।
उसमें से आधा =40 वर्ष तो रात को
बीत जाता है। उसका आधा=20 वर्ष
बचपन और बुढ़ापे मे बीत जाता है।
बचा 20 वर्ष। उसमें भी कभी योग,
कभी वियोग, कभी पढ़ाई,कभी परीक्षा,
नौकरी, व्यापार और अनेक चिन्ताएँ
व्यक्ति को घेरे रखती हैँ।अब बचा ही
कितना ? 8/10 वर्ष। उसमें भी हम
शान्ति से नहीं जी सकते ? यदि हम
थोड़ी सी सम्पत्ति के लिए झगड़ा करें,
और फिर भी सारी सम्पत्ति यहीं छोड़ जाएँ,
तो इतना मूल्यवान मनुष्य जीवन
प्राप्त करने का क्या लाभ हुआ?
स्वयं विचार कीजिये :- इतना कुछ होते हुए भी,
1- शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी...
👍मौन होना सब से बेहतर है।

2- दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी...
👍सफेद रंग सब से बेहतर है।

3- खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी...
👍उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है।

4- देखने के लिए इतना कुछ होते हुए भी...
👍बंद आँखों से भीतर देखना सबसे बेहतर है।

5- सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी...
👍अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर है।

6- जीवन में हजारों प्रलोभन होते हुए भी...
👍सिद्धांतों पर जीना सबसे बेहतर है।

इंसान के अंदर जो समा जायें वो
             " स्वाभिमान "
                    और
जो इंसान के बाहर छलक जायें वो
             " अभिमान "
ये मैसेज पूरा पढ़े, और
   अच्छा लगे तो सबको भेजें 🙏

🔹जब भी बड़ो के साथ बैठो तो  
      परमेश्वर का धन्यवाद करो ,
     क्योंकि कुछ लोग
      इन लम्हों को तरसते हैं ।

🔹जब भी अपने काम पर जाओ
      तो परमेश्वर का धन्यवाद करो
     क्योंकि
     बहुत से लोग बेरोजगार हैं ।

🔹 परमेश्वर का धन्यवाद कहो
     जब तुम तन्दुरुस्त हो ,
     क्योंकि बीमार किसी भी कीमत पर सेहत खरीदने की ख्वाहिश रखते हैं ।

🔹 परमेश्वर का धन्यवाद कहो
      की तुम जिन्दा हो ,
      क्योंकि मरते हुए लोगों से पूछो
      जिंदगी की कीमत क्याहैं


छोटा सा जीवन है, लगभग 80 वर्ष।
उसमें से आधा =40 वर्ष तो रात को
बीत जाता है। उसका आधा=20 वर्ष
बचपन और बुढ़ापे मे बीत जाता है।
बचा 20 वर्ष। उसमें भी कभी योग,
कभी वियोग, कभी पढ़ाई,कभी परीक्षा,
नौकरी, व्यापार और अनेक चिन्ताएँ
व्यक्ति को घेरे रखती हैँ।अब बचा ही
कितना ? 8/10 वर्ष। उसमें भी हम
शान्ति से नहीं जी सकते ? यदि हम
थोड़ी सी सम्पत्ति के लिए झगड़ा करें,
और फिर भी सारी सम्पत्ति यहीं छोड़ जाएँ,
तो इतना मूल्यवान मनुष्य जीवन
प्राप्त करने का क्या लाभ हुआ?
स्वयं विचार कीजिये :- इतना कुछ होते हुए भी,
1- शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी...
👍मौन होना सब से बेहतर है।

2- दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी...
👍सफेद रंग सब से बेहतर है।

3- खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी...
👍उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है।

4- देखने के लिए इतना कुछ होते हुए भी...
👍बंद आँखों से भीतर देखना सबसे बेहतर है।

5- सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी...
👍अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर है।

6- जीवन में हजारों प्रलोभन होते हुए भी...
👍सिद्धांतों पर जीना सबसे बेहतर है।

इंसान के अंदर जो समा जायें वो
             " स्वाभिमान "
                    और
जो इंसान के बाहर छलक जायें वो
             " अभिमान "
ये मैसेज पूरा पढ़े, और
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🔹जब भी बड़ो के साथ बैठो तो  
      परमेश्वर का धन्यवाद करो ,
     क्योंकि कुछ लोग
      इन लम्हों को तरसते हैं ।

🔹जब भी अपने काम पर जाओ
      तो परमेश्वर का धन्यवाद करो
     क्योंकि
     बहुत से लोग बेरोजगार हैं ।

🔹 परमेश्वर का धन्यवाद कहो
     जब तुम तन्दुरुस्त हो ,
     क्योंकि बीमार किसी भी कीमत पर सेहत खरीदने की ख्वाहिश रखते हैं ।

🔹 परमेश्वर का धन्यवाद कहो
      की तुम जिन्दा हो ,
      क्योंकि मरते हुए लोगों से पूछो
      जिंदगी की कीमत क्याहैं


छोटा सा जीवन है, लगभग 80 वर्ष।
उसमें से आधा =40 वर्ष तो रात को
बीत जाता है। उसका आधा=20 वर्ष
बचपन और बुढ़ापे मे बीत जाता है।
बचा 20 वर्ष। उसमें भी कभी योग,
कभी वियोग, कभी पढ़ाई,कभी परीक्षा,
नौकरी, व्यापार और अनेक चिन्ताएँ
व्यक्ति को घेरे रखती हैँ।अब बचा ही
कितना ? 8/10 वर्ष। उसमें भी हम
शान्ति से नहीं जी सकते ? यदि हम
थोड़ी सी सम्पत्ति के लिए झगड़ा करें,
और फिर भी सारी सम्पत्ति यहीं छोड़ जाएँ,
तो इतना मूल्यवान मनुष्य जीवन
प्राप्त करने का क्या लाभ हुआ?
स्वयं विचार कीजिये :- इतना कुछ होते हुए भी,
1- शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी...
👍मौन होना सब से बेहतर है।

2- दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी...
👍सफेद रंग सब से बेहतर है।

3- खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी...
👍उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है।

4- देखने के लिए इतना कुछ होते हुए भी...
👍बंद आँखों से भीतर देखना सबसे बेहतर है।

5- सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी...
👍अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर है।

6- जीवन में हजारों प्रलोभन होते हुए भी...
👍सिद्धांतों पर जीना सबसे बेहतर है।

इंसान के अंदर जो समा जायें वो
             " स्वाभिमान "
                    और
जो इंसान के बाहर छलक जायें वो
             " अभिमान "
ये मैसेज पूरा पढ़े, और
   अच्छा लगे तो सबको भेजें 🙏

🔹जब भी बड़ो के साथ बैठो तो  
      परमेश्वर का धन्यवाद करो ,
     क्योंकि कुछ लोग
      इन लम्हों को तरसते हैं ।

🔹जब भी अपने काम पर जाओ
      तो परमेश्वर का धन्यवाद करो
     क्योंकि
     बहुत से लोग बेरोजगार हैं ।

🔹 परमेश्वर का धन्यवाद कहो
     जब तुम तन्दुरुस्त हो ,
     क्योंकि बीमार किसी भी कीमत पर सेहत खरीदने की ख्वाहिश रखते हैं ।

🔹 परमेश्वर का धन्यवाद कहो
      की तुम जिन्दा हो ,
      क्योंकि मरते हुए लोगों से पूछो
      जिंदगी की कीमत क्याहैं
बाल समय रवि भक्ष लियो तब, तीनहुं लोक भयो अँधियारो

ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात न टारो ।।
देवन आनि करी विनती तब, छांड़ि दियो रवि
कष्ट निहारो ।
को नहिं जानत है जग में कपि, संकटमोचन नाम तिहारो ।। 1 ।।
बालि की त्रास कपीस बसै गिरि, जात
महाप्रभु पंथ निहारो ।।
चौंकि महामुनि शाप दियो तब, चाहिये कौन विचार विचारो ।
कै द्घिज रुप लिवाय महाप्रभु, सो तुम दास के शोक निवारो ।। 2 ।।
अंगद के संग लेन गए सिय, खोज कपीस यह बैन उचारो

जीवत न बचिहों हम सों जु, बिना सुधि लाए इहां पगु
धारो ।
हेरि थके तट सिंधु सबै तब, लाय सिया सुधि प्राण उबारो ।। 3 ।।
रावण त्रास दई सिय को तब, राक्षसि सों कहि सोक निवारो ।
ताहि समय हनुमान महाप्रभु, जाय महा रजनीचर मारो

चाहत सीय अशोक सों आगि सु, दे प्रभु मुद्रिका सोक
निवारो ।। 4 ।।
बाण लग्यो उर लक्ष्मण के तब, प्राण तजे सुत रावण मारो ।
लै गृह वैघ सुषेन समेत, तबै गिरि द्रोण सु-बीर उपारो ।
आनि संजीवनी हाथ दई तब, लक्ष्मण के
तुम प्राण उबारो ।। 5 ।।
रावण युद्घ अजान कियो तब, नाग की फांस सबै सिरडारो ।
श्री रघुनाथ समेत सबै दल, मोह भयो यह संकट भारो

आनि खगेस तबै हनुमान जु, बन्धन काटि सुत्रास निवारो ।। 6 ।।
बन्धु समेत जबै अहिरावण, लै रघुनाथ पाताल सिधारो ।
देवहिं पूजि भली विधि सों बलि, देउ सबै मिलि मंत्र विचारो

जाय सहाय भयो तबही, अहिरावण सैन्य समैत संहारो
।। 7 ।।
काज किये बड़ देवन के तुम, वीर महाप्रभु देखि विचारो ।
कौन सो संकट मोर गरीब को, जो तुमसो नहिं जात है टारो

बेगि हरौ हनुमान महाप्रभु, जो कछु संकट होय हमारो ।। 8 ।।
।। दोहा ।।
लाल देह लाली लसे, अरु धरि लाल लंगूर ।
बज्र देह दानव दलन, जय जय जय कपि सूर ।
✒".. कीसी ने फूल से पूछा की जब
         तुम्हें तोड़ा गया तो तुम्हें
                दर्द नहीं हुआ "
"फूल ने जवाब दीया तोड़ने वाला
         इतना खुश था की मैं
                अपना दर्द भी भूल गया।✨

Sunday, 27 November 2016

🌻🌷 कुछ बोलने और तोड़ने
             में केवल एक पल
               लगता है जबकि
            बनाने और मनाने में
         पूरा जीवन लग जाता है

          प्रेम सदा माफ़ी माँगना
                पसंद करता है
                       और
            अहंकार सदा माफ़ी
           सुनना पसंद करता है
               *🐾"ॐ"🐾*
           *✍🏻 सब को इकट्ठा*
             *रखने की ताकत*
                    *प्रेम में है*
                       *और*
                *सब को अलग*
              *करने की ताकत*
                   *वहम में है।*
                      ¸.•*""*•.¸
                   *🌹💐🌹*
           *""सदा मुस्कुराते रहिये""*

                 *🐚☀🐚

   
था मैं नींद में और. ←_←
मुझे इतना
सजाया जा रहा था....←_←

बड़े प्यार से
मुझे नहलाया जा रहा
था....←_←←_←

ना जाने
था वो कौन सा अजब खेल
मेरे घर
में....←_←←_←←_←←_←

बच्चो की तरह मुझे
कंधे पर उठाया जा रहा
था....←_←←_←←_←←_←

था पास मेरा हर अपना
उस
वक़्त....←_←←_←←_←←_←

फिर भी मैं हर किसी के
मन
से
भुलाया जा रहा था...←_←←_←←_←←_←

जो कभी देखते
भी न थे मोहब्बत की
निगाहों
से....←_←←_←←_←

उनके दिल से भी प्यार मुझ
पर
लुटाया जा रहा था...←_←←_←←_←

मालूम नही क्यों
हैरान था हर कोई मुझे
सोते
हुए
देख कर....←_←←_←

जोर-जोर से रोकर मुझे
जगाया जा रहा था...

काँप उठी
मेरी रूह वो मंज़र
देख
कर....←_←←_←←_←
.
जहाँ मुझे हमेशा के
लिए
सुलाया जा रहा था....←_←←_←
.
मोहब्बत की
इन्तहा थी जिन दिलों में
मेरे
लिए....←_←←_←←_←
.
उन्हीं दिलों के हाथों,
आज मैं जलाया जा रहा था!!!

Saturday, 26 November 2016

चींटी से *मेहनत* सीखिए
बगुले* से *तरकीब*
       और
*मकड़ी* से *कारीगरी।*
"अपने विकास के लिए अंतिम समय
    तक *संघर्ष* कीजिए।
      संघर्ष ही जीवन है।💞
 "अपनी जिंदगी के किसी भी दिन को मत कोसना
     क्योंकि;"
अच्छा दिन खुशियाँ लाता है
और बुरा दिन अनुभव
"एक सफल जिंदगी के लिए दोनों जरूरी होती है"
🌹🌹जय श्री Bapu ji🌹🌹

Friday, 25 November 2016



"जो मुस्कुरा रहा है, उसे दर्द ने पाला होगा...,
जो चल रहा है, उसके पाँव में छाला होगा...,
बिना संघर्ष के इन्सान चमक नहीं सकता, यारों...,
जो जलेगा उसी दिये में तो, उजाला होगा...।

: "उदास होने के लिए उम्र पड़ी है,
"नज़र उठाओ सामने ज़िंदगी खड़ी है,
"अपनी हँसी को होंठों से न जाने देना!
"क्योंकि आपकी मुस्कुराहट के पीछे
             दुनिया पड़ी है
तारों में अकेले चाँद जगमगाता है,
  मुश्किलों में अकेला इन्सान डगमगाता है,
काँटों से मत घबराना मेरे दोस्त,
  क्योंकि काँटों में ही एक गुलाब मुस्कुराता है

Thursday, 24 November 2016




✍🏼 एक बार राधा जी ने कृष्णा से पूछा :
      गुस्सा क्या है..?

✍🏼 बहुत खुबसूरत जवाब मिला :
      किसी की गलती की सजा
      खुद को देना..!

✍🏼 एक बार राधा ने कृष्णा से पूछा :
     दोस्त और प्यार में क्या
     फर्क होता है..?

✍🏼 कृष्णा हंस कर बोले :
       प्यार सोना है..
      और दोस्त हीरा..
      सोना टूट कर दुबारा बन सकता है..
      मगर हीरा नहीं..!

✍🏼 एक बार राधा जी ने कृष्णा से पूछा :
      मैं कहाँ कहाँ हूँ..?

✍🏼 कृष्णा ने कहा :
     तुम मेरे दिल में..
     साँस में..
     जिगर में..
     धड़कन में..
     तन में..
     मन में..
     हर जगह हो..!

✍🏼 फिर राधा जी ने पूछा :
      मैं कहाँ नहीं हूँ..?

✍🏼 तो कृष्णा ने कहा :
      मेरी किस्मत में..!

✍🏼 राधा ने श्री कृष्णा से पूछा :
     प्यार का असली मतलब क्या
     होता है..?

✍🏼 श्री कृष्णा ने हंस कर कहा :
      जहाँ मतलब होता है..
      वहां प्यार ही कहाँ होता है..!

✍🏼 एक बार राधा ने कृष्णा से पूछा :
      आपने मुझे प्रेम किया..
      लेकिन शादी रुकमणी से की..
      ऐसा क्यों..?

✍🏼 कृष्णा ने हँसते हुए कहा : राधे !
      शादी में दो लोग चाहिए....
      और हम तो एक हैं....।

😀😀😀
Life is precious we care essence of life

Wednesday, 23 November 2016


✍🏼
हम भी वही,
आप भी वही,
रिश्ते भी वही,
रास्ते भी वही,...

बदलता है तो समय के साथ,
एहसास और नज़रिया..!!

Tuesday, 22 November 2016


क्या सोचा कभी
कर्म आस्रव का कारण क्या ?
कर्मास्रव का मुख्य कारण असंयम
हिंसा—झूठ—चोरी—अब्रह्म और परिग्रह
यही पांच दोष असंयमी होने के कारण बनते
इनसे निवृति जो करते वो संयमी कहलाते .....
क्रोध—मान—माया—लोभ
ये चार कषाय जीव के बताये
जिनके कारण आत्मा विभाव परिणमन में वर्तते
जिनमे क्रोध और मान है द्वेष रूप
माया और लोभ है राग रूप
राग—द्वेष के भाव ही जीव के
कर्मबंध में सहायक बने .....
इसलिये जो साधक
आस्रव और बंध के कारण जानकर
मिथ्यात्व को तजकर
उनसे निवृति का उद्यम करे
वही नवीन कर्मबंध से विराम पावे
वही कालांतर में संसार भ्रमण से
मुक्ति पाये ....
अपने ज्ञानानंद स्वभावी आत्मा का
वो चिरकाल तक अनुभवन पावे
इतना ही जाना सरलता से
मैंने मुक्ति पाने का उपाय ....

Monday, 21 November 2016

⛴"पूरे समुंद्र का पानी भी एक जहाज को नहीं डुबा सकता, जब तक पानी को जहाज अन्दर न आने दे।🛳
           
इसी तरह दुनिया का कोई भी नकारात्मक विचार आपको नीचे नहीं गिरा सकता, जब तक आप उसे अपने अंदर आने की अनुमति न दें।"

                अच्छा दिल
                    और
           अच्छा स्वभाव दोनो
                आवश्यक है।
    अच्छे दिल से कई रिस्ते बनेगे और
            अच्छे स्वभाव से वो
            जीवन भर टिकेगे
🌹🌹bapu ji Ki jay 🌹🌹
अवश्य पढ़े:-

धार्मिक या वैज्ञानिक ? ? ?

एक माँ अपने पूजा-पाठ से फुर्सत पाकर अपने विदेश में रहने वाले बेटे से फोन पर बात करते समय पूँछ बैठी: ... बेटा! कुछ पूजा-पाठ भी करते हो या फुर्सत ही नहीं मिलती?

बेटे ने माँ को बताया - "माँ, मैं एक आनुवंशिक वैज्ञानिक हूँ ...
मैं अमेरिका में मानव के विकास पर काम कर रहा हूँ ...
विकास का सिद्धांत, चार्ल्स डार्विन... क्या आपने उसके बारे में सुना है ?"

उसकी माँ मुस्कुरा कर बोली - “मैं डार्विन के बारे में जानती हूँ, बेटा ... मैं यह भी जानती हूँ कि तुम जो सोचते हो कि उसने जो भी खोज की, वह वास्तव में सनातन-धर्म के लिए बहुत पुरानी खबर है...“

“हो सकता है माँ !” बेटे ने भी व्यंग्यपूर्वक कहा ...

“यदि तुम कुछ होशियार हो, तो इसे सुनो,” उसकी माँ ने प्रतिकार किया...
... “क्या तुमने दशावतार के बारे में सुना है ? विष्णु के दस अवतार ?”

बेटे ने सहमति में कहा "हाँ! पर दशावतार का मेरी रिसर्च से क्या लेना-देना?"

माँ फिर बोली: लेना-देना है मेरे लाल... मैं तुम्हें बताती हूँ कि तुम और मि. डार्विन क्या नहीं जानते हैं ?

पहला अवतार था मत्स्य अवतार, यानि मछली | ऐसा इसलिए कि जीवन पानी में आरम्भ हुआ | यह बात सही है या नहीं ?”

बेटा अब और अधिक ध्यानपूर्वक सुनने लगा |

उसके बाद आया दूसरा कूर्म अवतार, जिसका अर्थ है कछुआ, क्योंकि जीवन पानी से जमीन की ओर चला गया 'उभयचर (Amphibian)' | तो कछुए ने समुद्र से जमीन की ओर विकास को दर्शाया |

तीसरा था वराह अवतार, जंगली सूअर, जिसका मतलब जंगली जानवर जिनमें बहुत अधिक बुद्धि नहीं होती है | तुम उन्हें डायनासोर कहते हो, सही है ? बेटे ने आंखें फैलाते हुए सहमति जताई |

चौथा अवतार था नृसिंह अवतार, आधा मानव, आधा पशु, जंगली जानवरों से बुद्धिमान जीवों तक विकास |

पांचवें वामन अवतार था, बौना जो वास्तव में लंबा बढ़ सकता था | क्या तुम जानते हो ऐसा क्यों है ? क्योंकि मनुष्य दो प्रकार के होते थे, होमो इरेक्टस और होमो सेपिअंस, और होमो सेपिअंस ने लड़ाई जीत ली |"

बेटा दशावतार की प्रासंगिकता पर स्तब्ध हो रहा था जबकि उसकी माँ पूर्ण प्रवाह में थी...

छठा अवतार था परशुराम - वे, जिनके पास कुल्हाड़ी की ताकत थी, वो मानव जो गुफा और वन में रहने वाला था | गुस्सैल, और सामाजिक नहीं |

सातवां अवतार था मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम, सोच युक्त प्रथम सामाजिक व्यक्ति, जिन्होंने समाज के नियम बनाए और समस्त रिश्तों का आधार |

आठवां अवतार था जगद्गुरु श्री कृष्ण, राजनेता, राजनीतिज्ञ, प्रेमी जिन्होंने ने समाज के नियमों का आनन्द लेते हुए यह सिखाया कि सामाजिक ढांचे में कैसे रहकर फला-फूला जा सकता है |

नवां अवतार था भगवान बुद्ध, वे व्यक्ति जो नृसिंह से उठे और मानव के सही स्वभाव को खोजा | उन्होंने मानव द्वारा ज्ञान की अंतिम खोज की पहचान की |

और अंत में दसवां अवतार कल्कि आएगा, वह मानव जिस पर तुम काम कर रहे हो | वह मानव जो आनुवंशिक रूप से अति-श्रेष्ठ होगा |

बेटा अपनी माँ को अवाक होकर सुनता रहा |
अंत में बोल पड़ा "यह अद्भुत है माँ, भारतीय दर्शन वास्तव में अर्थपूर्ण है |"

...पुराण अर्थपूर्ण हैं | सिर्फ आपका देखने का नज़रिया होना चाहिए धार्मिक या वैज्ञानिक ? 

Sunday, 20 November 2016


👏 *"अनमोल संदेश"* 👏

दुनिया की ताकतवर चीज है *"लोहा"*🔩
       जो सबको काट डालता है ....

लोहे से ताकतवर है *"आग"*🔥
        जो लोहे को पिघला देती है....

आग से ताकतवर है *"पानी"*🌧
        जो आग को बुझा देता है....

और पानी से ताकतवर है *"इंसान"*👦
        जो उसे पी जाता है....

इंसान से भी ताकतवर है *"मौत"*😭
         जो उसे खा जाती है....

और मौत से भी ताकतवर है *"दुआ"* 👏
      जो मौत को भी टाल सकती है...!

 卐बहुत ही सुन्दर वर्णन है卐

👌मस्तक को थोड़ा झुकाकर देखिए
....अभिमान मर जाएगा

👌आँखें को थोड़ा भिगा कर देखिए
.....पत्थर दिल पिघल जाएगा

👌दांतों को आराम देकर देखिए
.........स्वास्थ्य सुधर जाएगा

👌जिव्हा पर विराम लगा कर देखिए
.....क्लेश का कारवाँ गुज़र जाएगा

👌इच्छाओं को थोड़ा घटाकर देखिए
......खुशियों का संसार नज़र आएगा

👌पूरी जिंदगी हम इसी बात में गुजार देते हैं कि "चार लोग क्या कहेंगे",

........और अंत में चार लोग बस यही कहते हैं कि "राम नाम सत्य है"...

🌻🌻🌻🌻🐢🌻🌻🌻🌻

*"उड़ा भी दो सारी रंजिशें इन हवाओं में*
                        *यारो"*

  *"छोटी सी जिंदगी है नफ़रत कब*
                   *तक करोगे"*

*"घमंड न करना जिन्दगी मे तकदीर बदलती*
                          *रहती है"*

*"शीशा वही रहता है बस तस्वीर बदलती रहती है"*.
((((((( महर्षि वशिष्ठ का क्रोध )))))))
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एक बार आप, ध्रुव, सोम, धर, अनिल, अनल, प्रत्यूष और प्रभाष आदि अष्ट वसु अपनी पत्नियों के साथ महर्षि वशिष्ठ के आश्रम के समीप घूम रहे थे.
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प्रभाष की पत्नी की नजर आश्रम में कामधेनु गाय पर पड़ी. वह कामधेनु को देखकर ललचा गईं.
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उन्होंने अपने पति से कहा कि आप स्वयं वसु है. ऐसी दिव्य गाय का किसी मुनि के पास क्या काम. मुझे यह गाय चाहिए. आपको चाहे चोरी ही क्यों न करनी पड़ें परंतु यह गाय लाकर दीजिए.
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प्रभास ने अन्य वसुओं के बात की और अपनी पत्नी के हठ की बात बताई. प्रभाष की जिद पर सातों वसु चोरी के लिए राजी हो गए. सबने मिलकर वशिष्ठ के आश्रम से कामधेनु गाय चुरा ली.
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महर्षि वशिष्ठ ने दिव्य दृष्टि से पता लगा लिया कि चोरी किसने की है. देवतुल्य वसु अब चोरी करने लगे हैं, इस बात से वशिष्ठ बड़े क्रोधित हुए.
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वशिष्ठ ने वसुओं को शाप दिया कि वह वसु का पद त्यागकर मानव रूप में धरती पर चले जाएंगे. मनुष्य के रूप में पैदा होकर और मनुष्य के भाति कष्ट सहना पड़ेगा.
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ॠषि का शाप सुनकर सभी वसु उनके पैरों में गिर कर माफी मांगने लगे. उन्होंने बताया कि प्रभास की पत्नी के दबाव में उन्हें चोरी करनी पड़ी.
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ॠषि ने कहा कि शाप वापस नहीं हो सकता. चूंकि प्रभाष ने पत्नी के प्रेम में पड़कर सभी वसुओं को चोरी जैसे गंदे कार्य के लिए उकसाया है. इसलिए उसे ज्यादा दंड मिलेगा.
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सात वसुओं के लिए वशिष्ठ ने कहा कि आप गंगा के गर्भ से जन्म लेंगे लेकिन जन्म लेने के तत्काल बाद गंगा आपको जल में डुबोकर शाप से मुक्ति दिलाएंगी.
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प्रभाष को पूरा शाप भोगना पड़ेगा. उसने पत्नी की इच्छा पूरी करने के लिए चोरी की है इसलिए मनुष्य रूप में वह जन्म लेगा और पत्नी सुख से वंचित रहेगा.
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वशिष्ठ प्रभाष पर अत्यंत क्रोधित थे. उन्होंने कहा कि प्रभाष का अपनी पत्नी से लंबा वियोग होगा इसलिए मानव रूप में जन्म लेने पर उसकी आयु बहुत लंबी होगी.
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वह संसार में अनेक दुख भोगेगा और कोई स्त्री ही उसकी मृत्यु का कारण.बनेगी.
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प्रभाष ने वशिष्ठ से बार-बार क्षमा मांगी तो उन्होंने थोड़ी दया दिखाते हुए कहा लंबी आयु तुम्हारे लिए शाप की जगह वरदान बनेगी.
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श्रीविष्णु मानव अवतार लेंगे और वह तुम्हें प्रणाम करेंगे. तुम्हारी वीरता, त्याग और आयु के कारण मानव रूप में आने वाले सभी देवता तुम्हारी वंदना करेंगे.
*****
प्रभाष ही गंगापुत्र देवव्रत हुए और जीवन भर ब्रह्मचर्य का पालन करने जैसे कठिन व्रत लेने के कारण उन्हें भीष्म नाम मिला. स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने उनकी वंदना की थी.
( महाभारत के आदि पर्व की कथा

अज़ीज़ भी वो हैं , नसीब भी वो हैं
दुनिया की भीड़ मैं करीब भी वो हैं
उनके आशीर्वाद से हैं चलती ज़िन्दगी
खुदा भी वो हैं और तकदीर भी वो हैं



मेरे तीन अपराधो को माफ़ करो।

यह जानते हुए भी कि-

1... तुम सर्वव्यापी हो, पर मैं तुम्हें हर जगह खोजता हूँ, यह मेरा पहला अपराध है...

2... तुम शब्दों से परे हो, मैँ तुमको शब्दों से बाँधता हूँ, एक नाम देता हूँ। यह मेरा दूसरा अपराध है...

3... तुम सर्वज्ञाता हो, मैं तुम्हें अपनी इच्छाएँ बताता हूँ, उन्हें पूरा करने को कहता हूँ। यह मेरा तीसरा अपराध हैं ।

Saturday, 19 November 2016


"तन की खूबसूरती एक भ्रम है..!
पर सबसे खूबसूरत आपकी "वाणी" है..!
          चाहे तो दिल "जीत" ले..!
           चाहे तो दिल "चीर" दे"!!
इन्सान सब कुछ कॉपी कर सकता है..!
  लेकिन किस्मत और नसीब नही..!
  "श्रेय मिले न मिले,अपना श्रेष्ठ देना कभी बंद न करें!!


       *✏मनुष्य में दृढ़ता होनी चाहिए,*
                       *""जिद्द नहीं ""*
           *मनुष्य में बहादुरी होनी चाहिये,*
                  *"" जल्दबाजी नहीं ""*
              *मनुष्य में दया होनी चाहिए,*
                  *"" कमजोरी नहीं ""*
              *मनुष्य में ज्ञान होना चाहिए,*
                    *""अहंकार नहीं..✍🏻*

     
🐾💞
*जिन्दगी जब देती है,*
*तो एहसान नहीं करती*
*और जब लेती है तो,*
*लिहाज नहीं करती*

*दुनिया में दो ‘पौधे’ ऐसे हैं*
*जो कभी मुरझाते नहीं और*
*अगर जो मुरझा गए तो उसका*
*कोई इलाज नहीं।*
पहला – *‘नि:स्वार्थ प्रेम’*
और दूसरा – *‘अटूट विश्वास’*
🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹

*🐾"ॐ"🐾*
*✍🏻 सब को इकट्ठा*
               *रखने की ताकत*
    *प्रेम में है*
                   *और*
*सब को अलग*
      *करने की ताकत*
           *वहम में है।*
                ¸.•*""*•.¸
              *🌹💐🌹*
     

Friday, 18 November 2016


*" चेहरे की हंसी से गम को भुला दो*
    *कम बोलो पर सब कुछ बता दो*
   *ख़ुद ना रूठो पर सबको हंसा दो*
      *यही राज है जिन्दगी का*
  *जियो और जीना सिखा दो*
 
   
*😀आपका दिन मंगलमय हो।😀
जीवन में आधा दुःखः
गलत लोगों से उम्मीद रखने से आता है
और बाकी का आधा दुःख
सच्चे लोगों पर शक करने से आता है

*मधुर बाणी बोलना*

 *एक मंहगा शौक है*

*जो हर किसी के बस की बात नहीं*

Sadguru Aniruddha Bapu Ji

Sadguru Aniruddha Bapu Ji सुकून उतना ही देना, प्रभु जितने से जिंदगी चल जाए, औकात बस इतनी देना, कि, औरों का भला हो जाए, रिश्तो में गहराई इतनी हो, कि, प्यार से निभ जाए, आँखों में शर्म इतनी देना, कि, बुजुर्गों का मान रख पायें, साँसे पिंजर में इतनी हों, कि, बस नेक काम कर जाएँ, बाकी उम्र ले लेना, कि, औरों पर बोझ न बन जाए