Friday, 25 November 2016

तारों में अकेले चाँद जगमगाता है,
  मुश्किलों में अकेला इन्सान डगमगाता है,
काँटों से मत घबराना मेरे दोस्त,
  क्योंकि काँटों में ही एक गुलाब मुस्कुराता है

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