Sunday, 27 November 2016


   
था मैं नींद में और. ←_←
मुझे इतना
सजाया जा रहा था....←_←

बड़े प्यार से
मुझे नहलाया जा रहा
था....←_←←_←

ना जाने
था वो कौन सा अजब खेल
मेरे घर
में....←_←←_←←_←←_←

बच्चो की तरह मुझे
कंधे पर उठाया जा रहा
था....←_←←_←←_←←_←

था पास मेरा हर अपना
उस
वक़्त....←_←←_←←_←←_←

फिर भी मैं हर किसी के
मन
से
भुलाया जा रहा था...←_←←_←←_←←_←

जो कभी देखते
भी न थे मोहब्बत की
निगाहों
से....←_←←_←←_←

उनके दिल से भी प्यार मुझ
पर
लुटाया जा रहा था...←_←←_←←_←

मालूम नही क्यों
हैरान था हर कोई मुझे
सोते
हुए
देख कर....←_←←_←

जोर-जोर से रोकर मुझे
जगाया जा रहा था...

काँप उठी
मेरी रूह वो मंज़र
देख
कर....←_←←_←←_←
.
जहाँ मुझे हमेशा के
लिए
सुलाया जा रहा था....←_←←_←
.
मोहब्बत की
इन्तहा थी जिन दिलों में
मेरे
लिए....←_←←_←←_←
.
उन्हीं दिलों के हाथों,
आज मैं जलाया जा रहा था!!!

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