Sunday, 20 November 2016


मेरे तीन अपराधो को माफ़ करो।

यह जानते हुए भी कि-

1... तुम सर्वव्यापी हो, पर मैं तुम्हें हर जगह खोजता हूँ, यह मेरा पहला अपराध है...

2... तुम शब्दों से परे हो, मैँ तुमको शब्दों से बाँधता हूँ, एक नाम देता हूँ। यह मेरा दूसरा अपराध है...

3... तुम सर्वज्ञाता हो, मैं तुम्हें अपनी इच्छाएँ बताता हूँ, उन्हें पूरा करने को कहता हूँ। यह मेरा तीसरा अपराध हैं ।

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